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Article Dated 25th February 2021

तिमाही रिटर्न एवं मासिक भुगतान स्कीम - नवीनतम जानकारी

1 जनवरी 2021 से जीएसटी के तहत तिमाही रिटर्न एवं मासिक कर भुगतान की नई स्कीम लागू की जा रही है। यह स्कीम 5 करोड़ रु तक बिक्री वाले करदाताओं के लिए लागू की जा रही है। जिन करदाताओं की चालू वित्तीय या गत वित्तीय वर्ष में एग्रीगेट टर्नओवर 5 करोड़ रु. तक है तथा जिन्होने अपनी अन्तिम जीएसटीआर-3बी रिटर्न प्रस्तुत कर दी है वे इस स्कीम का लाभ ले सकते है। इस स्कीम के तहत आने वाले करदाता अपनी जीएसटीआर-01 एवं जीएसटीआर-3बी रिटर्न को तिमाही आधार पर प्रस्तुत कर सकते हैं जबकि उन्हे कर का भुगतान मासिक आधार पर चालान के द्वारा करना होगा। यदि आपकी एग्रीगेट टर्नओवर (एक पैन के आधार पर) वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 करोड रु. तक है तथा आपने अपनी अक्टूबर, 2020 माह की जीएसटीआर-3बी रिटर्न 30 नवम्बर 2020 तक प्रस्तुत कर दी है तो जीएसटी सिस्टम आपको स्वत: ही तिमाही रिटर्न मासिक भुगतान स्कीम में शामिल कर लेगा। इसके पश्चात भी मार्च तिमाही समाप्त होने के पश्चात कोई भी करदाता इस स्कीम का आप्शन ले सकता है। उदाहरण के लिए एक करदाता जिसकी एग्रीगेट टर्नओवर गतवर्ष में 5 करोड़ रु तक थी तथा उसने जून 2021 माह की जीएसटीआर-3बी 31 जुलाई 2021 तक पेश कर दी है तो वह जुलाई से सितम्बर तिमाही से इस स्कीम का आप्शन ले सकता है।

क्या यह स्कीम सभी करदाताओं के लिए है

यह स्कीम सभी करदाताओं के लिए नहीं है। यह स्कीम उन्ही करदाताओं के लिए है जो जीएसटीआर-01 एवं जीएसटीआर-3बी भरते है तथा निम्न करदाता इसमें शामिल होंगे-

1.

नार्मल करदाता, सेज डवलपर एवं सेज इकाई।

2.

ऐसे करदाता जिन्होंने कम्पोजीशन स्कीम छोड दी है।

3.

ऐसे नये करदाता जो नार्मल करदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन पेश करते है।

स्कीम के लिए आवश्यक शर्ते

तिमाही रिटर्न मासिक कर स्कीम लेने वाले करदाताओं को निम्न शर्तो की पूर्ति करनी आवश्यक है:-

1.

करदाता रेगूलर करदाता के रूप में रजिस्टर्ड हो या उसने कम्पोजीशन स्कीम छोड दी हो।

2.

करदाता के पास वैद्य यूजर आईडी एवं पासवर्ड होना चाहिए।

3.

पिछले एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में एग्रीगेट टर्नओवर 5 करोड़ रु तक हो।

4.

पिछली देय जीएसटीआर-3बी रिटर्न प्रस्तुत की जा चुकी हो।

5.

जिस अवधि से आप स्कीम लेना चाहते है उस अवधि के जीएसटीआर-01 का डेटा पोर्टल पर सेव न किया गया हो।

स्कीम का लाभ लेने वाले व्यवहारी मासिक इनवाइस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे

इस स्कीम को लेकर लोगों के मन में यह चिंता है कि तिमाही आधार पर रिटर्न प्रस्तुत करने वाले करदाताओं से खरीदे माल पर मासिक आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ कैसे मिलेगा। ऐसे में वे करदाता जिन्हे मासिक आधार पर रिटर्न भरनी होगी उन्हे ऐसे करदाताओं से खरीदे गये माल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ तीन महीने बाद प्राप्त होगा। इस परेशानी को दूर करने के लिए तिमाही रिटर्न प्रस्तुत करने वाले करदाताओं के लिए मासिक इनवाइस की जानकारी प्रस्तुत करने की सुविधा प्रदान की गई है। ऐसे व्यवहारी प्रारम्भ के दो माह की बिक्री की जानकारी पोर्टल पर प्रस्तुत कर सकेंगे। यह एक वैकल्पिक (optional) सुविधा है। यह सुविधा जीएसटीआर-01 की तरह की है। इस सुविधा के तहत बी2बी इनवाइस, क्रेडिट नोट, डेबिट नोट आदि को प्रस्तुत किया जा सकेंगा। किसी भी माह की इनवाइस की जानकारी इनवाइस फर्नीशिंग फैसेलिटी के तहत अगले माह की 13 तारीख तक प्रस्तुत की जा सकेगी। इस सुविधा से सप्लाई प्राप्त करने वाले करदाता को उन इनवाइस के संबंध में उसी माह में इनपुट क्रेडिट का लाभ प्राप्त हो जायेगा बशर्ते उन इनवाइस को तिमाही रिटर्न आप्शन वाले सप्लायर द्वारा पोर्टल पर प्रस्तुत कर दिया गया हो।

इस सुविधा से मासिक रिटर्न प्रस्तुत करने वाले एवं मासिक कर जमा कराने वाले क्रेताओं को मासिक इनपुट क्लेम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

QRMP स्कीम का आप्शन कैसे ले

यदि कोई करदाता वर्तमान में जीएसटीआर-01 में तिमाही आधार पर रिटर्न प्रस्तुत कर रहा है तथा जीएसटीआर-3बी मासिक आधार पर प्रस्तुत कर रहा है तो वह 5 दिसम्बर 2020 से स्वत: ही जीएसटीआर-01 एवं जीएसटीआर-3बी दोनों के लिए तिमाही रिटर्न स्कीम में आ जायेगा। यदि कोई करदाता तिमाही रिटर्न स्कीम में नहीं रहना चाहता है तथा वह मासिक रिटर्न स्कीम में आना चाहता है तो वह 1 जनवरी 2021 से स्कीम से बाहर आ सकता है। ऐसे में उसे जीएसटीआर-01 एवं जीएसटीआर-3बी दोनों रिटर्न मासिक आधार पर प्रस्तुत करनी होगी।

स्कीम में आने के लिए अपने यूजर आईडी एवं पासवर्ड से पोर्टल पर लोंग इन करें तथा इसके पश्चात service> return> opt-in for quarterly return आप्शन में आकर आप्शन लेने या छोडऩे के आप्शन को चुने।

QRMP  स्कीम का लाभ कभी भी लिया जा सकता है तथा कभी भी इस स्कीम से बाहर आया जा सकता है। इस संबंध में समय-सीमा निम्न प्रकार निर्धारित की गई है-

क्रम स. 

तिमाही 

QRMP  स्कीम लेने या छोडऩे की अवधि

1.

जून तिमाही

1 फरवरी से 30 अप्रैल तक

2.

सितम्बर तिमाही               

1 मई से 31 जुलाई तक      

3.

दिसम्बर तिमाही

1 अगस्त से 31 अक्टूबर तक           

4.

मार्च तिमाही

1 नवम्बर से 31 जनवरी तक


एक से अधिक रजिस्ट्रेशन वाले करदाताओं के लिए स्थिति

यदि किसी करदाता के एक पैन पर एक से अधिक रजिस्ट्रेशन है तो वह विभिन्न रजिस्ट्रेशन के संबंध में अलग-अलग आप्शन ले सकता है। जैसे एक रजिस्ट्रेशन के लिए वह QRMP का आप्शन ले सकता है तथा दूसरे रजिस्ट्रेशन के लिए मासिक रिटर्न का आप्शन ले सकता है।

करदाताओं का स्वत: स्कीम में माइग्रेशन

ऐसे करदाता जिनकी गतवर्ष की एग्रीगेट टर्नओवर 5 करोड रु तक थी तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष की एग्रीगेट टर्नओवर भी 5 करोड़ रु तक ही है तो उन्हे सिस्टम स्वत: ही तिमाही रिटर्न मासिक कर योजना में ट्रांस्फर कर देगा बशर्ते उन्होंने माह अक्टूबर 2020 की जीएसटीआर-3बी रिटर्न 30 नवम्बर 2020 तक प्रस्तुत कर दी हो।

विभिन्न प्रकार के करदाताओं के मामले में उन्हे किस स्वत: रिटर्न स्कीम में माना जायेगा यह जानना भी आवश्यक है। वर्तमान में जो करदाता एग्रीगेट टर्नओवर के आधार पर जो रिटर्न प्रस्तुत कर रहे हैं उसके आधार पर उन्हे रिटर्न का आप्शन दिया जायेगा जो इस प्रकार होगा-

क्रमसं.  

करदाता की श्रेणी वार्षिक एग्रीगेट टर्नओवर के अनुसार

स्वत: रिटर्न स्कीम

1.

गतवर्ष में 1.50 करोड रु तक जिन्होने जीएसटीआर-1 रिटर्न तिमाही आधार पर प्रस्तुत की है।

तिमाही

2.

गतवर्ष में 1.50 करोड़ रु तक जिन्होने जीएसटीआर-1 मासिक आधार पर प्रस्तुत किया हो।

मासिक

3.

गतवर्ष में 1.50 करोड रु से अधिक  

मासिक

यदि किसी करदाता ने अपनी अक्टूबर 2020 की जीएसटीआर-3बी रिटर्न 30 नवम्बर 2020 तक प्रस्तुत नहीं की है तो पोर्टल उसे स्वत: ही मासिक रिटर्न स्कीम में रखेगा।

आप्शन को कैसे बदले

कोई भी करदाता दो लगातार तिमाही में आप्शन में बदलाव नहीं कर सकता है। एक समय में एक तिमाही में या तो आप आप्शन ले सकते है या आप्शन छोड सकते है। वर्तमान तिमाही में आप्शन चुनने के बाद वह अगली तिमाही के लिए स्वत: (by default) ही आप्शन माना जायेगा।

एक बार आप्शन लेने या स्वत: मिलने के बाद जब तक आप आप्शन को बदलते नहीं है तब तक या 5 करोड़ रु से अधिक एग्रीगेट टर्नओवर होने तक आप उसी स्कीम में ही बने रहते है।

नये रजिस्ट्रेशन के मामले में स्कीम

यदि कोई व्यवहारी नया रजिस्ट्रेशन लेता है तो तिमाही रिटर्न की स्कीम के संबंध में स्थिति क्या होगी। यदि तिमाही प्रारम्भ होने वाले माह की आखिरी तारीख तक रजिस्ट्रेशन लिया जाता है तो तिमाही रिटर्न स्कीम को चुना जा सकता है। लेकिन यदि तिमाही प्रारम्भ होने वाले माह के बाद वाले दो माह के दौरान रजिस्ट्रेशन लिया जाता है तो उस तिमाही की शेष अवधि के लिए मासिक रिटर्न का आप्शन लिया जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि 31 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है तो जनवरी से मार्च तिमाही से ही तिमाही रिटर्न का आप्शन लिया जा सकता है। लेकिन यदि फरवरी या मार्च माह में रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है तो फरवरी एवं मार्च माह में मासिक रिटर्न का आप्शन रहेगा तथा अप्रैल तिमाही से तिमाही रिटर्न का आप्शन लिया जा सकता है।

प्रत्येक तिमाही में आप्शन लेने की आवश्यकता नहीं

आप्शन केवल एक बार ही लेना होगा। प्रत्येक तिमाही में आप्शन लेने की आवश्यकता नहीं है। जब आप्शन बदलना हो तभी नया आप्शन लेना होगा। इसके अतिरिक्त जब भी एग्रीगेट टर्नओवर 5 करोड़ रु. से अधिक हो जायेगी तो उस तिमाही के पश्चात करदाता स्वत: ही मासिक रिटर्न के आप्शन में माना जायेगा।

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